मॉस्को / नई दिल्ली: वैश्विक भू–राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को ऊर्जा और रासायनिक खादों की निर्बाध आपूर्ति को लेकर एक बड़ा भरोसा दिया है। मॉस्को में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में पुतिन ने स्पष्ट किया कि भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस भारत उर्वरक सप्लाई पुतिन के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।
यह बैठक आगामी दिनों में होने वाली Putin Modi meeting से ठीक पहले हुई है, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और व्यापारिक साझेदारी को नई मजबूती मिली है।
Jaishankar Putin बैठक: किसानों के लिए पुतिन का बड़ा ऐलान
मॉस्को में आयोजित Jaishankar Putin द्विपक्षीय वार्ता के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक विशेष व्यक्तिगत संदेश राष्ट्रपति पुतिन को सौंपा।
बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति ने कहा:
“हम भारतीय किसानों और देश के कृषि क्षेत्र की हर जरूरत को पूरी तरह पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हम उर्वरकों की आपूर्ति लगातार बढ़ा रहे हैं और आगे भी इस सप्लाई को बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।“
पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि Putin fertiliser supply India और ऊर्जा सुरक्षा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के सबसे अहम स्तंभ हैं।
Russia India Fertiliser: भारतीय कृषि के लिए क्यों अहम है यह भरोसा?
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल और तैयार खादों (जैसे यूरिया, डीएपी और एनपीके) की कीमतों में उतार–चढ़ाव देखा जा रहा है। ऐसे समय में Russia India fertiliser का यह दीर्घकालिक आश्वासन भारतीय किसानों के लिए राहत लेकर आया है। इससे खरीफ और आगामी रबी सीजन के दौरान देश में उर्वरकों की कमी नहीं होगी और सब्सिडी के खर्च को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
India Russia Trade: 100 अरब डॉलर के लक्ष्य पर नजर, व्यापार घाटे पर चर्चा
जयशंकर ने रूस के उप–प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव के साथ 27वें अंतर–सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) की बैठक की सह–अध्यक्षता भी की।
- व्यापार में भारी उछाल: India Russia trade पिछले पांच वर्षों में लगभग 13 अरब डॉलर से बढ़कर करीब 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
- 2030 का विजन: दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का साझा लक्ष्य तय किया है।
- व्यापार असंतुलन की चुनौती: विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत के बढ़ते व्यापार घाटे (50 अरब डॉलर से अधिक) पर चिंता जताते हुए भारतीय उत्पादों के लिए रूसी बाजार में आसान पहुंच, गैर–टैरिफ बाधाओं को हटाने और भुगतान तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया।
मोदी–पुतिन की आगामी मुलाकातें
यह कूटनीतिक हलचल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों शीर्ष नेताओं की आगामी दिनों में बैक–टू–बैक बैठकें होने वाली हैं:
- एससीओ शिखर सम्मेलन (SCO Summit): किर्गिस्तान में आयोजित होने वाले एससीओ समिट के दौरान पीएम मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता संभावित है।
- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit): सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति पुतिन भारत दौरे पर आएंगे।
जयशंकर की इस मॉस्को यात्रा ने न केवल आगामी शिखर सम्मेलनों का एजेंडा तय किया, बल्कि खाद, ईंधन और तकनीक के मोर्चे पर भारत की आर्थिक सुरक्षा को भी मजबूती दी है।