नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बीच फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। Maharashtra tourists Nepal flood 2026 रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 106 पर्यटकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। वहीं 84 और पर्यटकों के शनिवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है। नेपाल-चीन सीमा के पास ग्लेशियर और बर्फ-चट्टानों के अचानक खिसकने के बाद आई बाढ़ ने सड़क और परिवहन व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया था, जिससे कई भारतीय पर्यटक अलग-अलग इलाकों में फंस गए थे।
बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल से सीधे काठमांडू पहुँचना कई जगह मुश्किल हो गया था। ऐसे में Nepal flood Maharashtra tourists को निकालने के लिए अलग-अलग वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया गया। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के जरिए पर्यटकों की लोकेशन ट्रैक करने और नेपाल प्रशासन तथा विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय बढ़ाने का काम शुरू किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वापस लौट रहे कुछ पर्यटकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर उनकी स्थिति जानी। पर्यटकों ने मुश्किल हालात में मदद और समन्वय के लिए महाराष्ट्र सरकार का आभार जताया। फडणवीस ने रेस्क्यू प्रयासों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हस्तक्षेप से मिले राजनयिक सहयोग का भी उल्लेख किया।
नागपुर जिले से जुड़े सभी 106 पर्यटकों को सुरक्षित बताया गया है। इनमें से चार लोगों को सीधे विमान से नई दिल्ली लाया गया, जबकि बाकी 102 पर्यटक बस से बिहार के पटना पहुँचे। पटना में रात बिताने के बाद शनिवार सुबह करीब 7 बजे उन्होंने नागपुर के लिए ट्रेन पकड़ी। बिहार सरकार की ओर से भी यात्रियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था में सहयोग किया गया।
यह ऑपरेशन सिर्फ एक रास्ते से नहीं चला। सांगमनेर से जुड़े 45 लोगों का एक अलग समूह चितवन में सुरक्षित पहुँचा। इस समूह में अहिल्यानगर के 27, नासिक के 12, पुणे के 5 और मुंबई का एक पर्यटक शामिल था। काठमांडू जाने वाले रास्ते बंद होने के कारण इस समूह ने लुंबिनी के रास्ते भारत आने का वैकल्पिक मार्ग अपनाया और अयोध्या के जरिए लौटने की योजना बनाई।
रायगढ़ के जय गिरनारी शिवदत्ता मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा 37 सदस्यीय तीर्थयात्रियों का समूह सागा, चीन तक पहुँच गया है। दो डॉक्टर भी उनके साथ हैं और सभी यात्रियों की हालत ठीक बताई गई है। समूह ने वैकल्पिक पहाड़ी रास्तों से काठमांडू एयरपोर्ट तक पहुँचने की कोशिश की, ताकि वहां से भारत लौटने वाली उड़ान पकड़ी जा सके।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक नासिक के 11 पर्यटक फिलहाल काठमांडू में हैं और अधिकारियों की निगरानी में हैं। राज्य सरकार ने मुंबई स्थित सचिवालय में 24 घंटे काम करने वाला वॉर रूम भी बनाया है।
परिजनों की मदद के लिए 1070 टोल-फ्री हेल्पलाइन सक्रिय है। जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों की वास्तविक समय में लोकेशन जुटाने के लिए डिजिटल जियो-ट्रैकिंग का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
Maharashtra tourists rescued from Nepal ऑपरेशन की सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ से ज्यादा टूटे हुए संपर्क मार्ग रहे। कई जगह सड़कें और पुल प्रभावित होने के कारण पर्यटकों को एक ही जगह से निकालने के बजाय अलग-अलग रूट से भारत लाना पड़ा। यही वजह है कि पटना, अयोध्या, दिल्ली और वैकल्पिक पहाड़ी मार्ग इस रेस्क्यू अभियान का हिस्सा बने।
फिलहाल 106 पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के बाद राहत जरूर मिली है, लेकिन Nepal flood India rescue 2026 अभियान अभी जारी है। प्रशासन का लक्ष्य बाकी यात्रियों को भी सुरक्षित निकालना है। ऐसे में Maharashtra Nepal flood latest news पर लगातार नजर बनी हुई है।