लखनऊ यूनिवर्सिटी 2026‑27 शैक्षणिक सत्र से अपने छात्र पहचान सिस्टम में बड़ा बदलाव कर रही है। विश्वविद्यालय ने भारत सरकार के DigiLocker के ज़रिए आधिकारिक छात्र पहचान कार्ड जारी करने का फैसला किया है, जिससे छात्र अपने DigiLocker अकाउंट से सीधे अधिकृत डिजिटल आईडी कार्ड देख सकेंगे।
यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन का हिस्सा है और उत्तर प्रदेश की तकनीकी‑आधारित गवर्नेंस की ओर बढ़ने के प्रयासों के अनुरूप है। लखनऊ यूनिवर्सिटी DigiLocker पर ‘इश्यूइंग अथॉरिटी’ (जारी करने वाली संस्था) के तौर पर काम करेगी और यूनिवर्सिटी अधिकारियों के अनुसार, यह देश की पहली स्टेट यूनिवर्सिटी होगी जो इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए सीधे डिजिटल रूप से वेरिफाइड स्टूडेंट ID कार्ड उपलब्ध कराएगी।
DigiLocker Student ID कैसे मिलेगी?
नए सिस्टम के तहत, स्टूडेंट्स को पूरी तरह से फिजिकल आइडेंटिटी कार्ड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एडमिशन और फीस पेमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उनका ऑथराइज़्ड डिजिटल स्टूडेंट आइडेंटिटी कार्ड उनके DigiLocker अकाउंट में उपलब्ध हो जाएगा।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए स्टूडेंट्स के पास रजिस्टर्ड APAAR ID होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी ने डिजिटल ID सिस्टम को आसानी से लागू करने के लिए इस ID को अनिवार्य कर दिया है।
इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:
- लखनऊ यूनिवर्सिटी की एडमिशन प्रक्रिया पूरी करें।
- ज़रूरी फीस पेमेंट की प्रक्रिया पूरी करें।
- सुनिश्चित करें कि आपकी APAAR ID रजिस्टर्ड और उपलब्ध है।
- यूनिवर्सिटी DigiLocker के ज़रिए ऑथराइज़्ड डिजिटल ID जारी करेगी।
- स्टूडेंट्स अपने DigiLocker अकाउंट के ज़रिए अपनी Lucknow University DigiLocker ID 2026 एक्सेस कर सकते हैं।
डिजिटल आइडेंटिटी कार्ड स्मार्टफोन पर उपलब्ध रहेगा, जिससे स्टूडेंट्स के लिए ज़रूरत पड़ने पर अपने क्रेडेंशियल्स (दस्तावेज़ों) को एक्सेस करना आसान हो जाएगा।
APAAR ID क्यों ज़रूरी है?
नए सिस्टम में APAAR ID (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) अहम भूमिका निभाएगी। लखनऊ यूनिवर्सिटी ने उन स्टूडेंट्स के लिए रजिस्टर्ड APAAR ID अनिवार्य कर दी है जो DigiLocker बेस्ड आइडेंटिटी कार्ड का इस्तेमाल करना चाहते हैं।
यह पहल ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट ID’ फ्रेमवर्क के तहत DigiLocker ID को APAAR से जोड़ती है। इसका मकसद स्टूडेंट की आइडेंटिटी से जुड़े क्रेडेंशियल्स और एकेडमिक रिकॉर्ड्स को एक ही सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लाना है।
यूनिवर्सिटी अधिकारियों के अनुसार, इस इंटीग्रेशन से नकली या जाली स्टूडेंट आइडेंटिटी कार्ड की संभावना को कम करने में भी मदद मिलेगी।
एक और अहम बात यह है कि स्टूडेंट का कोर्स पूरा होने के बाद डिजिटल ID अपने आप इनएक्टिव (निष्क्रिय) हो जाएगी।
Digital ID में QR code कैसे काम करेगा?
Lucknow University Student ID 2026 में एक डायनामिक QR कोड होगा। इस QR कोड को स्टूडेंट की पहचान की पुष्टि (वेरिफिकेशन) को तेज़ और आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
परीक्षा अधिकारी, बैंक, ट्रांसपोर्ट एजेंसियां और अन्य संस्थान डिजिटल आइडेंटिटी कार्ड की तुरंत पुष्टि के लिए इस QR कोड का इस्तेमाल कर सकेंगे।
यह तब खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जब स्टूडेंट्स को परीक्षाओं, संस्थागत सेवाओं या अन्य आधिकारिक ज़रूरतों के लिए अपनी यूनिवर्सिटी की पहचान साबित करनी हो।
चूंकि कार्ड डिजिटल रूप से प्रमाणित है और DigiLocker के ज़रिए जारी किया जाता है, इसलिए स्टूडेंट्स के पास फिजिकल ID कार्ड साथ रखने के बजाय एक ज़्यादा सुरक्षित विकल्प भी होगा।
Students को क्या फायदा होगा?
LU DigiLocker ID से स्टूडेंट की पहचान की प्रक्रिया ज़्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित होने की उम्मीद है। स्टूडेंट्स अपने स्मार्टफ़ोन के ज़रिए 24×7 अपने डिजिटल आइडेंटिटी कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे फिजिकल कार्ड पर उनकी निर्भरता कम होगी।
इसके मुख्य फ़ायदे इस प्रकार हैं:
- फिजिकल ID कार्ड को हर समय साथ रखने की ज़रूरत नहीं।
- स्टूडेंट आइडेंटिटी कार्ड तक आसान पहुँच।
- फिजिकल कार्ड खोने, खराब होने या चोरी होने पर कम परेशानी।
- तेज़ पुष्टि के लिए डायनामिक QR कोड।
- नकली या जाली आइडेंटिटी कार्ड की संभावना कम।
- स्टूडेंट के क्रेडेंशियल्स (दस्तावेज़ों) का डिजिटल स्टोरेज।
- PVC कार्ड और लेमिनेशन मटीरियल के इस्तेमाल को कम करके लखनऊ यूनिवर्सिटी के ग्रीन कैंपस लक्ष्यों में सहयोग।
यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने यह भी बताया है कि DigiLocker दस्तावेज़ों को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत मान्यता प्राप्त है, जिससे डिजिटल रूप से जारी आइडेंटिटी कार्ड को कानूनी वैधता मिलती है।
Lucknow University DigiLocker ID 2026 के शुरू होने से, स्टूडेंट्स के पास एक ज़्यादा आसानी से उपलब्ध डिजिटल पहचान होगी, जिसका इस्तेमाल आधिकारिक पुष्टि की ज़रूरत पड़ने पर कभी भी किया जा सकेगा।