पटना / लखनऊ: पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और अचानक आई विनाशकारी बाढ़ (Flash Flood) के बाद भारत के सीमावर्ती राज्यों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। Nepal flood India latest news के अनुसार, तिब्बत-नेपाल सीमा पर भोटे कोशी और त्रिशूली नदी प्रणाली में आए भारी उफान के बाद
गंडक व नारायणी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसके प्रभाव से Nepal flood UP Bihar 2026 को लेकर दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
Nepal Flood Impact on Bihar: बिहार में क्यों मचा हड़कंप?
Nepal flood Bihar alert today के तहत बिहार के जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासनों को 24 घंटे निगरानी पर रखा गया है। नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिमी चंपारण स्थित वाल्मीकि नगर गंडक बैराज पर जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिसके चलते एहतियातन बैराज के सभी 36 फाटकों (Gates) को खोलना पड़ा है।
किन जिलों पर सबसे ज्यादा खतरा?
- अति–संवेदनशीलजिले: पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण (छपरा), मुजफ्फरपुर और वैशाली।
- सतर्कतावाले अन्य क्षेत्र: सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी और खगड़िया।
आपदा प्रबंधन विभाग ने बगहा के निचले इलाकों, सिसई और पिपरासी से हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों व ऊंचे तटबंधों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। प्रभावितों के लिए राहत शिविर और सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) सक्रिय कर दी गई हैं।
UP Flood Alert Nepal: उत्तर प्रदेश के इन जिलों में बढ़ी निगरानी
नेपाल की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में भी मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर त्वरित अलर्ट जारी किया गया है:
- Nepal flood Uttar Pradesh alert के तहत महराजगंज और कुशीनगर जिलों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।
- कुशीनगरकी खड्डा तहसील के सीमावर्ती गांवों—शिवपुर, हरिहरपुर, मरिचहवा और बसंतपुर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंधों पर फ्लड पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
- जिलाधिकारियोंको नावों, गोताखोरों और मेडिकल टीमों को चौबीसों घंटे तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की तैयारियां और NDRF की तैनाती
Bihar flood alert after Nepal flood के बाद केंद्र और राज्य सरकारें लगातार समन्वय बनाए हुए हैं:
- एनडीआरएफऔर एसडीआरएफ की तैनाती: एनडीआरएफ (NDRF) की कई विशेष टुकड़ियों को बेतिया, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय पर रखा गया है, जबकि सशस्त्र सीमा बल (SSB) की क्विक रिस्पॉन्स टीमें सीमावर्ती इलाकों में तैनात हैं।
- तटबंधोंकी 24×7 पेट्रोलिंग: जल संसाधन विभाग के सभी अभियंताओं और फील्ड कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि किसी भी तटबंध के टूटने या सीपेज की स्थिति में तत्काल मरम्मत की जा सके।
- केंद्रीयजल आयोग का अपडेट: केंद्रीय जल आयोग (CWC) और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की अपील की है।