चंडीगढ़: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के संयुक्त मोर्चे (‘पंजाब सांझा मुलाजम मंच’) के आह्वान पर पूरे राज्य में व्यापक हड़ताल देखने को मिली है। Punjab government employees strike today 27 August 2026 के तहत लगभग 3 लाख नियमित कर्मचारी, संविदा कर्मी और पेंशनभोगी सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इस Punjab maha hartal 27 August 2026 के कारण राज्यभर के प्रशासनिक कार्यालयों और नागरिक सेवाओं का कामकाज ठप पड़ गया है।
सेवाओं पर असर: क्या खुला है और क्या बंद?
| सेवा / क्षेत्र | स्थिति | मुख्य प्रभाव |
| सरकारी अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र | आंशिक ठप | Punjab OPD closed today; ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं, हालांकि इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेवाएं चालू रखी गईं। |
| प्रशासनिक कार्यालय एवं तहसीलें | बंद | Punjab government offices closed today; सचिवालय, डीसी ऑफिस, एसडीएम दफ्तर और तहसील स्तर पर फाइल मूवमेंट और पब्लिक डीलिंग बंद रही। |
| राजस्व एवं सेवा केंद्र | प्रभावित | जमीन की रजिस्ट्री, इंतकाल (Mutation) और प्रमाणपत्र जारी करने का काम प्रभावित हुआ। |
| सरकारी स्कूल एवं कॉलेज | आंशिक असर | गैर-शैक्षणिक और कई शैक्षणिक कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से नियमित कक्षाएं प्रभावित हुईं (निजी स्कूल सामान्य रूप से खुले रहे)। |
| यातायात एवं बाजार | ✅ सामान्य | कर्मचारी संघों ने स्पष्ट किया कि कोई भी सड़क जाम नहीं की जाएगी और बाजार सामान्य रूप से खुले रहेंगे। |
Punjab Employees Strike Demands: कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, बार-बार आश्वासनों के बावजूद सरकार ने उनकी प्राथमिक मांगों को लागू नहीं किया है:
- 18% लंबितमहंगाई भत्ता (DA) और एरियर: Punjab DA arrears latest news के अनुसार, कर्मचारियों का 18% बकाया डीए और उसका एरियर जारी करने की मांग मुख्य मुद्दा है।
- पुरानीपेंशन योजना (OPS) का क्रियान्वयन: Punjab old pension scheme latest news के मुताबिक, साल 2022 में जारी की गई अधिसूचना के बावजूद ओपीएस को जमीनी स्तर पर लागू न किए जाने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
- कच्चेकर्मचारियों का पक्कीकरण: सभी विभागों में कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण।
- वेतनमानविसंगतियां व प्रोबेशन अवधि: 17 जुलाई 2020 की अधिसूचना को वापस लेना और नए भर्ती कर्मचारियों के लिए 3 साल की प्रोबेशन अवधि को समाप्त करना।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का रुख: “हड़ताल और बातचीत एक साथ नहीं“
हड़ताल के दौरान जालंधर में कर्मचारी प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री के बीच प्रस्तावित बैठक गतिरोध में बदल गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रुख स्पष्ट करते हुए कहा:
“मुलाजिम हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं और सरकार उनकी जायज मांगों को सुनने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन बातचीत और हड़ताल दोनों एक साथ नहीं चल सकते। सरकार टेबल पर वार्ता के लिए तभी बैठेगी जब हड़ताल पूरी तरह वापस ली जाएगी।“”
बैठक रद्द होने के बाद कर्मचारी नेताओं ने नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी वित्तीय और सेवा संबंधी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।