लखनऊ– उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू और मंदाकिनी सहित कई प्रमुख नदियों के उफान पर आने से UP Flood 2026 का संकट गहरा गया है। प्रदेश के एक-तिहाई से अधिक हिस्से में बाढ़ का पानी घुस चुका है। राज्य राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, Uttar Pradesh flood 2026 की चपेट में आने से प्रदेश के 26 जिलों की लगभग 3.53 लाख आबादी प्रभावित हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाए जा रहे व्यापक रेस्क्यू नेटवर्क के तहत अब तक 17544 लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए हैं। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए राज्य स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
UP Flood 2026- 26 जिलों में क्या है स्थिति?
UP flood today की जमीनी रिपोर्ट के अनुसार, तराई, पूर्वांचल और मध्य यूपी के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु (70.26 मीटर) को पार कर 70.68 मीटर तक पहुँच गया है, जिससे मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट डूब गए हैं। प्रयागराज, कानपुर और गाजीपुर में गंगा के बढ़ते स्तर ने तटवर्ती रिहायशी बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 135.20 मीटर से घटकर 128 मीटर पर आ गया है, जिससे कुछ राहत मिली है, लेकिन प्रशासन अभी भी हाई अलर्ट पर निगरानी बनाए हुए है।
बाढ़ से कितने लोग प्रभावित और कितने सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए?
UP flood evacuation अभियान के तहत राहत टीमें प्रभावित गांवों में रात-दिन सक्रिय हैं-
- प्रभावितआबादी– 26 जिलों के सैकड़ों गांवों के लगभग3. 53 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
- सुरक्षितनिकाले गए लोग– प्रशासन ने अब तक 17,544 लोगों को बाढ़ ग्रस्त इलाकों से निकालकर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया है।
- राहतशिविरों में शरण– इनमें से 4,847 लोग वर्तमान में बनाए गए शरणालयों में रह रहे हैं।
- पशुधनसुरक्षा– बाढ़ से 45,000 से अधिक मवेशी प्रभावित हुए हैं। पशुओं के लिए 5,000 क्विंटल से अधिक सूखा भूसा वितरित किया जा चुका है। राहत तंत्र की तत्परता से अभी तक किसी मानव या मवेशी की जान जाने की खबर नहीं है।
कौन–कौन से 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं?
UP flood 26 districts और UP flood affected districts की आधिकारिक सूची इस प्रकार है-
- अमरोहा
- अयोध्या
- आजमगढ़
- बदायूं
- बलिया
- बाराबंकी
- बस्ती
- चंदौली
- फर्रुखाबाद
- गाजीपुर
- गोंडा
- गोरखपुर
- हरदोई
- कासगंज
- कानपुर
- लखीमपुरखीरी
- मिर्जापुर
- मुरादाबाद
- पीलीभीत
- प्रयागराज
- रायबरेली
- रामपुर
- संतकबीर नगर
- शाहजहांपुर
- उन्नाव
- वाराणसी
राहत शिविर, नाव और मेडिकल टीमों की क्या व्यवस्था है?
बाढ़ पीड़ितों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए UP flood relief camps और बुनियादी ढांचे का व्यापक नेटवर्क खड़ा किया गया है-
- राहतशिविर और चौकियां– पूरे राज्य में कुल 1,312 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं और 1,634 बाढ़ चौकियां 24 घंटे काम कर रही हैं।
- नावऔर मोटरबोट– जलमग्न इलाकों से लोगों को निकालने के लिए 1,697 नावों व मोटरबोट्स को तैनात किया गया है। साथ ही एनडीआरएफ (NDRF) एसडीआरएफ (SDRF) और पीएसी (PAC) की फ्लड कंपनियां तैनात हैं।
- मेडिकलसपोर्ट– जलजनित बीमारियों और संक्रमण की रोकथाम के लिए 1,068 मेडिकल टीमें फील्ड में काम कर रही हैं। अब तक5.52 लाख से अधिक क्लोरीन की गोलियां और 1.87 लाख से ज्यादा ओआरएस (ORS) पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
- खाद्यसामग्री– प्रभावितों को 72897 राशन किट और 3,67,551 लाख से अधिक तैयार लंच पैकेट वितरित किए गए हैं।
अगले कुछ दिनों में UP में बारिश और बाढ़ का क्या खतरा है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्यवर्ती हिस्सों में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान रुक-रुक कर भारी से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
कैचमेंट एरिया और पहाड़ी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के चलते गंगा, यमुना और घाघरा नदियों के जलस्तर में कुछ और दिनों तक उफान बना रह सकता है। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, राजस्व टीमों और सिंचाई विभाग को संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे पेट्रोलिंग और अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।