रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ जारी छात्रों का लंबा आंदोलन एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया है। इस पूरे विरोध प्रदर्शन का प्रमुख चेहरा रहे देवेंद्र नाथ महतो छात्र नेता ने आखिरकार अपनी 16 दिनों से चल रही अनिश्चितकालीन देवेंद्र नाथ महतो भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। राज्य सरकार द्वारा विवादित JSSC-CGL परीक्षा और संबंधित एजेंसी द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं को रद्द करने के आधिकारिक फैसले के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
देवेंद्र नाथ महतो जीवनी: कौन हैं छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो?
देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के युवाओं और छात्र राजनीति में एक जाना-माना नाम बन चुके हैं। ‘JPSC-JSSC सुधार मंच’ के बैनर तले प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर वे लंबे समय से मुखर रहे हैं।
- शैक्षणिकयोग्यता: चुनावी हलफनामों और सार्वजनिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो पोस्ट ग्रेजुएट (M.A.) हैं। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (DSPMU), रांची से स्नातकोत्तर और बी.एड. (B.Ed.) की डिग्री पूरी की है।
- उम्रऔर पृष्ठभूमि: देवेंद्र नाथ महतो जीवनी के अनुसार, लगभग 33 वर्षीय छात्र नेता रांची जिले के सिल्ली क्षेत्र के रहने वाले हैं।
- सामाजिकऔर राजनीतिक भूमिका: देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के स्थानीय नीति, नियोजन नीति, 1932 खतियान, भाषा आंदोलन और युवाओं के रोजगार अधिकारों को लेकर आंदोलनकारी के रूप में उभरे। छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के अलावा उन्होंने सिल्ली विधानसभा और रांची लोकसभा सीट से निर्दलीय/क्षेत्रीय मोर्चे के उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा है।
16 दिन की भूख हड़ताल के बाद क्यों खत्म किया आंदोलन?
देवेंद्र नाथ महतो छात्र नेता और उनके साथी आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार के मंत्रियों की मौजूदगी में जूस पीकर अपनी देवेंद्र नाथ महतो भूख हड़ताल तोड़ी।
आंदोलन समाप्त (निलंबित) करने के मुख्य कारण:
- सरकारद्वारा प्रमुख मांगें स्वीकार करना: हेमंत सोरेन कैबिनेट ने विशेष बैठक कर विवादित JSSC-CGL परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। इसके साथ ही परीक्षा संचालक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी TDPL द्वारा ली गई अन्य परीक्षाओं को भी निरस्त किया गया।
- सीआईडीजांच और सुधार समिति: सरकार ने 2014 के बाद की सभी संदिग्ध परीक्षाओं की सीआईडी/एसआईटी जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय कमेटी बनाने का आदेश दिया।
- कैबिनेटमंत्रियों की पहल: राज्य सरकार के मंत्रियों (दीपिका पांडेय सिंह और इरफान अंसारी) ने अस्पताल पहुंचकर अनशनकारियों से सीधे वार्ता की और मांगों के क्रियान्वयन का भरोसा दिलाया।
देवेंद्र नाथ महतो का बयान: “संघर्ष अभी थमा नहीं“
अनशन समाप्त करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने इसे “झारखंडी युवाओं की ऐतिहासिक जीत” बताया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल आंदोलन का स्थगन है। उनका लक्ष्य राज्य में एक ऐसा पुख्ता और पारदर्शी कानून बनवाना है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर न उतरना पड़े।
देवेंद्र नाथ महतो की प्रमुख मांगें क्या थीं?
- JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग
- अन्य विवादित परीक्षाओं पर कार्रवाई
- भर्ती परीक्षा प्रणाली में सुधार
- कथित पेपर लीक/अनियमितताओं की जांच
- परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही
- भविष्य में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था