शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे नामी फिल्मी सितारे फिर एक बार चर्चा में हैं। इस बार मामला किसी फिल्म या सोशल मीडिया विवाद का नहीं, बल्कि विमल इलायची के विज्ञापन का है। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का सवाल है कि जिस विज्ञापन में इलायची दिखाई जा रही है, वह कहीं अप्रत्यक्ष रूप से विमल पान मसाला की ब्रांडिंग का नया तरीका तो नहीं।
यहाँ सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि FDA का नोटिस किसी प्रकार का आरोप लगाने के लिए नहीं है। यह एक नियामकीय कार्रवाई है, जिसके जरिए संबंधित पक्षों से जवाब और जानकारी माँगी गई है। यानी अभी यह सिद्ध नहीं हुआ है कि तीनों अभिनेता किसी नियम का उल्लंघन करने के दोषी पाए गए हैं।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
विमल ब्रांड का एक विज्ञापन इलायची को केंद्र में रखकर बनाया गया है। समस्या उत्पाद के नाम से ज्यादा उसकी ब्रांड पहचान को लेकर है। महाराष्ट्र FDA का मानना है कि इस तरह के विज्ञापन से उपभोक्ताओं के बीच उस ब्रांड की पहचान बनी रह सकती है, जो पान मसाला जैसे प्रतिबंधित या नियंत्रित उत्पादों से भी जुड़ी हुई है।
इस तरह की मार्केटिंग को सरोगेट विज्ञापन (surrogate advertising) यानी अप्रत्यक्ष विज्ञापन भी बोला जाता है। इसमें किसी ऐसे उत्पाद का प्रचार किया जाता है जिसे कानूनी तौर पर विज्ञापित किया जा सकता है, लेकिन उसकी पैकेजिंग, नाम, लोगो या दूसरी पहचान के जरिए उपभोक्ता को उसी ब्रांड के किसी दूसरे उत्पाद की याद दिलाने का आरोप हो सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र FDA इसी पहलू की जाँच कर रहा है।
तीनों सितारों से क्या जवाब माँगा गया?
FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण माँगा है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें विज्ञापन से जुड़ी जानकारी देने और प्रचार सामग्री को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। जवाब के लिए 15 दिन की समय सीमा बताई गई है।
मामला केवल अभिनेताओं की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है। FDA विज्ञापन तैयार करने और उसे बाज़ार तक पहुँचाने में शामिल दूसरे पक्षों की भूमिका भी देख रहा है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा है कि कार्रवाई केवल सेलिब्रिटीज तक सीमित नहीं रहेगी और विज्ञापन की पूरी प्रक्रिया में शामिल पक्षों की जवाबदेही की भी जाँच की जाएगी।
क्या विमल इलायची पर किसी तरह का प्रतिबंध है?
एक तर्क समझना जरूरी है कि विवाद यह नहीं है कि इलायची अपने आप में प्रतिबंधित उत्पाद है। नियामक का सवाल विज्ञापन की प्रस्तुति और उसके संभावित प्रभाव को लेकर है। क्या वैध उत्पाद के प्रचार के जरिए किसी दूसरे उत्पाद की ब्रांड पहचान को कोई अप्रत्यक्ष लाभ तो नहीं मिल रहा है।
इसलिए यह मामला सिर्फ तीन अभिनेताओं को नोटिस मिलने तक भर का नहीं है। इसके केंद्र में भारत में लंबे समय से जारी सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और सरोगेट विज्ञापन की प्रथा पर भी सवाल उठ रहा है।
फिलहाल तीनों अभिनेताओं की ओर से FDA कार्रवाई पर कोई जवाब सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए अभी सबसे सटीक स्थिति यही है कि शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस मिला है और उनसे स्पष्टीकरण माँगा गया है। आगे कार्रवाई होगी या मामला जवाब के बाद खत्म हो जाएगा, यह FDA की जाँच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही स्पष्ट होगा।